Weather News: पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश के लोगों भीषण गर्मी से मिलेगी राहत……. !

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सांकेतिक फोटो 

स्पेशल स्टोरी: नौतपा के कारण भीषण गर्मी और तेज लू और Heat Stroke की मार झेल रहे उत्तर प्रदेश के लोगों को अब राहत मिलने वाली है। प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने यूपी के अधिकांश जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर Alert जारी किया है। इस नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 28 मई से 31 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने और बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग की तरफ से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, वहीं कुछ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। यही नहीं मौसम विभाग के अनुसार अलग अलग कई जिलों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं भी चल सकती हैं। विभाग की तरफ से लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

Lucknow, Ayodhya, Kanpur, Prayagraj, Varanasi, Gorakhpur, Bareilly, Meerut, Agra समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और Bangal ki khadi से आ रही नमी के कारण यह बदलाव हो रहा है। इससे प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। जहां पिछले कई दिनों से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं बारिश के बाद तापमान में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम विभाग की तरफ से तेज हवाओं और बारिश की संभावना के कारण किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही खुले में रखी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम सुहावना बना रह सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिलने की संभावना है। लेकिन मौसम को लेकर खास कर किसानों को सतर्क रहने की भी आवश्यकता है।

जानिए, क्या है पश्चिमी विक्षोभ……..

पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार की मौसमीय प्रणाली होती है, जो भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) के आसपास बनती है और पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए भारत तक पहुंचती है। इसे अंग्रेजी में Western Disturbance कहा जाता है। जब पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर सक्रिय होता है, तब मौसम अचानक बदल जाता है।

कैसे बनता है पश्चिमी विक्षोभ …….

पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से तैयार होता है। यह नमी और ठंडी हवाओं को साथ लेकर पाकिस्तान के रास्ते उत्तर भारत में प्रवेश करता है। जब यह बंगाल की खाड़ी या Arab Sagar से आने वाली नम हवाओं से टकराता है, तब तेज बारिश और तूफान उठने की संभावनए बनती हैं।

उत्तर प्रदेश में इसका असर,,,,,,

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर, तेज आंधी और बारिश होती है, Temperature में गिरावट आती है, लू से राहत मिलती है, कई जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कुल मिलकर यह कहा जा सकता है कि पश्चिमी विक्षोभ से राहत के साथ-साथ खतरे की भी संभावना बनी रहती है।

पश्चिमी विक्षोभ किसानों के लिए महत्वपूर्ण ……..

पश्चिमी विक्षोभ रबी फसलों के लिए फायदेमंद भी माना जाता है, क्योंकि इससे नमी मिलती है। फिर भी यदि ज्यादा तेज बारिश या ओलावृष्टि हो जाए तो गेहूं, आम और सब्जियों की फसल को नुकसान भी पहुचने का खतरा रहता है।


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